Friday, October 30, 2020

पिता के पद चिंन्हो पर चलने का प्रयास

 प्रेरणा



पिता के पद चिंन्हो पर चलने का प्रयास


मेरे पिता स्व: शिशुपाल सिंह सेंगर ने मुझे जीवंन में समाज सेवा, परोपकारी व् ईमानदारी पर सदैव चलने के लिया नशीहत दी। पिता के गुजरने के बाद मुझे मेरी माँ ने बताया कि मेरे पिता एक सरल स्वाह के व्यक्ति थे । जो चाहते थे कि मुझे उच्च शिक्षा व् सदमार्ग पर चलने के लिए कहा,पिता जी की इच्छा थी कि मैं आगे चलकर अच्छी शिक्षा प्राप्त करूँ व् समाज में लोंगो की सेवा करूँ। जो लोग समाज की सेवा करते है उन्हें लोग हमेशा याद करते है और जो लोग अपने स्वार्थ के लिए जीवन यापन करते है उन्हें लोग भुला दिया करते है। मुझे हमेशा ऐसा प्रतीत होता है कि मेरे पिता का साया मेरे सिर पर रहता है। मैं हमेशा अपने पिता जी के बताएं रास्ते पर उनके पद चिंन्हो पर चलकर मन में सेवा भाव रखकर समाज की सेवा करूँगा।

No comments:

गर्ल चाइल्ड डे-प्रेम बजाज

सुनो-सुनो ए भारत की नारी , नहींं रही अब तु बेचारी क्यों जन्म से पहले ही कोख में बेटी को मार जाता है । तुम भी तो एक बेटी हो तभी गर्भ धारण ...