Saturday, October 31, 2020
जनसत्ता दल लोकतांत्रिक पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष बाहूबली राजा भैया का जन्मदिन
मौन के भी शब्द होते कभी सुनो तो सही-प्रेम बजाज
करवाचौथ स्पेशल सजना है मुझे सजना के लिए -प्रेम बजाज
Friday, October 30, 2020
सफ़र में धूप तो होगी जो चल सको तो चलो-भावना ठाकर
थोड़ा थक सी गई हूँ मैं.....
रीति रिवाजों से भरा पड़ा जीवन-प्रेम बजाज
मौलिक एवं स्वरचित
प्रेम बजाज , जगाधरी ( यमुनानगर )
मीडिया को जिम्मेदार बनाने की पहल कौन करेगा -वीरेन्द्र बहादुर सिंह
- ऐसा ही कुछ खेल प्रिंट और इलेक्ट्रानिक मीडिया में भी चल रहा है। यह उजागर करने वाले समाचार भी आ रहे हैं। यह भी पता चला है कि तमाम संस्थाएं सर्क्युलेशन और टीआरपी के आंकड़ों में अग्रसर रहने के लिए तरह-तरह के उल्टे-सीधे रास्ते अपना रहे हैं। विज्ञापन पाने के लिए ऐसा करना जरूरी होता है। हकीकत में विज्ञापन की पूरी व्यवस्था आंकड़ों के गणित पर ही टिकी है। आंकड़े बढ़ाने की होड़ के कारण ही समाचार की गुणवत्ता प्रभावित होती है। इसी होड़ में अखबार, चैनल और डिजिटल मीडिया लोगों की रुचि पर असर डाल रहे हैं। हर वस्तु के आधार को उचित ठहरा दिया जाता है कि लोग यही देखना चाहते हैं। जबकि हकीकत उसकी उल्टी होती है। लोग मजबूरी में कमजोर कंटेंट देखते और पढते हैं।
बचपन की पुरानी यादें यादगार बनकर...
बहुत याद आती है पुराने मकानों की छतों पर गुजरी वो पुरानी यादें
पहले झाड़ू से छत को साफ़ करने की मुहिम, फिर पानी की बाल्टी से छिड़काव और अंत में उस पानी के सूखने पर उठने वाली भीनी-भीनी खुशबू,
बहुत याद आते है पुराने दिन और मकान
पिता के पद चिंन्हो पर चलने का प्रयास
प्रेरणा
पिता के पद चिंन्हो पर चलने का प्रयास
मेरे पिता स्व: शिशुपाल सिंह सेंगर ने मुझे जीवंन में समाज सेवा, परोपकारी व् ईमानदारी पर सदैव चलने के लिया नशीहत दी। पिता के गुजरने के बाद मुझे मेरी माँ ने बताया कि मेरे पिता एक सरल स्वाह के व्यक्ति थे । जो चाहते थे कि मुझे उच्च शिक्षा व् सदमार्ग पर चलने के लिए कहा,पिता जी की इच्छा थी कि मैं आगे चलकर अच्छी शिक्षा प्राप्त करूँ व् समाज में लोंगो की सेवा करूँ। जो लोग समाज की सेवा करते है उन्हें लोग हमेशा याद करते है और जो लोग अपने स्वार्थ के लिए जीवन यापन करते है उन्हें लोग भुला दिया करते है। मुझे हमेशा ऐसा प्रतीत होता है कि मेरे पिता का साया मेरे सिर पर रहता है। मैं हमेशा अपने पिता जी के बताएं रास्ते पर उनके पद चिंन्हो पर चलकर मन में सेवा भाव रखकर समाज की सेवा करूँगा।
गर्ल चाइल्ड डे-प्रेम बजाज
सुनो-सुनो ए भारत की नारी , नहींं रही अब तु बेचारी क्यों जन्म से पहले ही कोख में बेटी को मार जाता है । तुम भी तो एक बेटी हो तभी गर्भ धारण ...
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जीवन का सफ़र पथरीला कंटीला और तप्त है हमसफ़र गर समझदार मिले तो आसानी से कटता है वरना मंज़िल तक पहुँचने से पहले रास्ते उलझ जाते है। सफ़र में ...
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थोड़ा थक सा गया थोडा थक गया हूँ , , , दूर निकलना छोड दिया है। *. . . पर ऐसा नहीं है की , , ,* *मैंने चलना छोड दिया है ।।* फासले अक्सर रि...
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ए वक्त ज़रा ठहर जाने को क्यूं बेकरार हुआ जाता है आएगा मुझसे मिलने जिसके दिल से मेरा नाता है । हो गया है प्यार मुझे उनसे इसलिए बेताब हूं मैं ...








