Monday, November 2, 2020

नाम के ही नही दिल से और काम से राजा है राजा भैया


#परम्_आदरणीय_रघुराज_प्रताप_सिंह_जी (राजाभैया )

👉#एक_नजर_राजा_साहब_के_जीवन_पर
नाम के ही नही दिल के और काम से राजा है राजा भैया

इसमें अभी बहुत कुछ लिखना छूट गया है सिर्फ कुछ मुख्य बातों को ही दर्शाया गया है ध्यान से पढ़े 👇

रघुराज प्रताप सिंह उर्फ़ राजा भइया प्रतापगढ़ के कुंडा विधान सभा से निर्विरोध विधायक चुन लिए गए थे ,,,महज़ 26 साल की उम्र में MLA बन जाना कोई बच्चो का खेल नहीं होता ,,,,,आज के लौंडे 26 साल में बिस्तर तोड़ते हुवे बाइक रेसिंग करते हैं ,,,,और आपको बता दें रघुराज प्रताप सिंह का नाम राजा भईया कोई ऐसे ही नहीं लिया जाता ,,,,वो वास्तव में राजा ही है ,,,प्रतापगढ़ के राजपूत भदरी रियासत के युवराज राजा भईया ,,,,जिनके व्यक्तित्व से प्रभावित होकर बॉलीवुड फिल्मे बना देता है ,,,,

,,,,राजा भइया के पिता भदरी रियासत के राजा श्री उदय प्रताप सिंह और उनकी माता श्री मति मंजुला राजे दोनों ही प्रतिष्ठित राज घराने से है ,,राजा भईया के दादा जी यानी श्री उदय प्रताप सिंह के पिता जी ,,,बजरंग बहादुर सिंह एक स्वतंत्रता संग्राम सेनानी और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता थे ,,उनके नेहरू जी मधुर सम्बन्ध थे और वो हिमांचल प्रदेश के राजयपाल भी रहे ,,,,और तो और राजा भईया के पिता उदय प्रताप सिंह संघ और विश्व हिन्दू परिषद के पदाधिकारी भी रहे हैं ,,,,,,,,और जान लीजिये राजा भईया से पहले उनके परिवार का कोई सदस्य राजनीति में नहीं आया था ,,इसलिए उन्हें राजनीति कोई विरासत में नहीं मिली ,,बल्कि खुद के व्यक्तित्व को उन्होंने अपने कर्मों से सिद्ध किया है ,,,,,


राजा भईया कोई अनपढ़ गवार नेता नहीं है ,,,,वो 1985 में भारत स्काउट गाइड स्कुल से दसवीं और इलाहाबद के इंटरमीडियट स्कुल से बारहवीं और लखनऊ यूनिवर्सिटी से लॉ में स्नातक और इंडियन मेडीवल हिस्ट्री से दुबारा स्नातक है ,,,घुड़सवारी और निशानेबाजी में इन्हें महारथ हाशिल है और लखनऊ यूनिवर्सिटी से तीबारा मिलेट्री साइंस से स्नातक है ,,यानी ट्रिपल ग्रेजुएट,,,,,,,और एक खूबी है राजा भईया में वो साइकल से लेकर हवाई जहाज तक उड़ाना जानते है ,,उनके पास PVT एयर क्राफ्ट उड़ाने का लाइसेंस भी है ,,,,इनका विवाह बस्ती रियासत की राजकुमारी भानवी देवी से हुवा

अब इनके राजनितिक करियर के बारे में भी जान लीजिये ,,,,जब उन्होंने 1993 में राजनीति में कदम रखा ,,तो उन्होंने कोई लोकल चुनाव नहीं लड़ा जैसे जिला महापंचायत पार्षद BDC परधानी चुनाव ,,,,उन्होंने सीधे राज्य स्तरीय चुनाव लड़ा और सीधे विधायक बने ,,,,1999 में इन्होने राजकुमारी रत्ना सिंह के खिलाफ अपने चचेरे भाई अक्षय प्रताप सिंह को उतार दिया ,,राजा भइया के व्यक्तित्व के बल पर अक्षय भी चुनाव जीत गए ,,,जिस कुंडा सीट से राजा अभी लड़ते हैं उस सीट पे कभी कांग्रेस के नियाज खान का डंका बजता था ,,जो की 1962 से 1989 तक कुंडा के विधायक रहे लेकिन राजा भइया के बाद उनका वर्चस्व खत्म हो गया ,,,,राजा भइया लगातार विधायक  बने रहे और कभी किसी पार्टी से नहीं जुड़े ,,,बाद में समाजवादी पार्टी से और कल्याण सिंह की सरकार  में भी वो राजयमंत्री रहे ,,,,मुलायम सरकार  में वो केबिनेट मंत्री भी बने ,,,राजनाथ सिंह की सरकार  में भी वो केबिनेट मंत्री बने,,,,,,

2013  में कुंडा में जियाउल हक़ हत्याकांड में इनका नाम आने पे राजा भइया ने नैतिकता का परिचय देते हुवे खुद अपने पद से स्तीफा दे दिया ,,,फिर सीबीआई जांच में वो निर्दोष पाए गए ,,,उन्हें क्लीन चीट मिल गयी ,,,मायावती शाशनकाल में इनके पिता जी पर हथियार रखने के आरोप में कार्यवाही हुवी ,,,और उस समय समजवादी पार्टी के अमर सिंह ने राजा भइया के समर्थन में बड़ी बड़ी रैलियां निकाली थी ,,,,,

राजा भइया के महल में हर रोज़ हजारों गरीबों के लिए भोजन बनता है ,,और हर साल राजा भइया 101  गरीब लड़कियों का विवाह करते हैं ,,हर साल कुंडा में मुहर्रम के दिन राजा भईया के पिता उदय प्रताप सिंह रामायण का पाठ करते हैं जिसमे हज़ारो लोग शामिल होते है और प्रशाशन की फ़टी रहती है ,,,,,,,,हर रोज़ भदरी महल गरीब याचिकाकर्ताओं की भीड़ से भरा रहता है जो सिस्टम से त्रस्त होकर राजा भईया की शरण में आते है 
कुंडा में जब लोग सिस्टम से लड़ते लड़ते थक जाते हैं,,,टूट जाते हैं तब वहां जाते हैं जहाँ से कोई आज तक निराश  नहीं लौटा,,,जहाँ कागज़ पे खींची गयी कुछ लाइने सिस्टम को काम करने पर मजबूर कर देती है ,,,,,इन लाइनों में जो लोग खड़े रहते हैं उनमे ताकत आती है उस व्यक्ति  से जिसने अपने अस्तित्व को सिद्ध कर लिया है और अब वो व्यक्तित्व बन चूका है ,,,,,,राजा रघुराज प्रताप सिंह उर्फ़ राजा भईया ,,,,क्यों की सिस्टम से लड़कर सिस्टम को बदलना मुश्किल है ,,उसके लिए सिस्टम में घुसना पड़ता है ,,,और तब इतिहास मजबूर हो जाता है इस बदलाव को स्वीकारने के लिए ,,,,,कुंडा का बेति जिसे राजा भईया का निवास कहा जाता है वो वहां के निवासियों के लिए हाई कोर्ट सुप्रीम कोर्ट सब है ,,,


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