ढूंढाड़ क्षेत्र (जयपुर) को लगातार 200 साल व 33 युद्धों में भाग लेकर त्यागमयी सेवा और कुर्बानी देने वाली - नागा सेना का 120 वर्ष पुराना दृश्य।
नागा सेना ने वर्ष 1779 में बादशाह शाहआलम द्वितीय के सेनापति मुर्तजा खां भड़ेच को उसके हाथी सहित मार दिया था। जिसमे बादशाह के लगभग 50 हजार सैनिक खाटू श्याम के मंदिर पर हमला करने आए थे।
प्रमाणिक तथ्य को इस युद्ध में दादू संत मंगलदास महाराज जी सिर कटने के बाद भी झुंझार बन लड़ते रहे।
राजपुताने का इतिहास ऐसे वीरों के उल्लेख के बिना अधूरा हैं।

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